Friday, October 5, 2012


बचपन की न समझ शरारतो को  इकट्ठा करते है
जदीद तल्खियो को  उन यादो से मीठा करते है

वोह जगह के जहा पर कुछ समझने की सलाहत आयी थी
चलो फिर वही पर कुछ और नए दोस्त इकट्ठा करते है

स्कूल की दीवार से सटी उन झर्डियो के पीछे
ऊल जलूल हरकते शोर शराबा  हसी ठट्ठा करते है

वहा से जुडी तुम्हारे साथ हमारी कुछ यादे भी है
नीली आँख गुलाबी गाल काताला के लिए झगडा करते है

वह नदी का किनारा जहा नहाते हुए हम अक्सर झगडे थे
जम चुकी उन यादो के दही का  मथ कर मठ्ठा करते है

वह नदी का किनारा जहा नहाते हुए हम अक्सर झगडे थे
जम चुकी उन यादो के दही का  मथ कर मठ्ठा करते है

एक दोस्त जो हम से कुछ तगड़ा कुछ मोटा था
चलो दोस्त हम दोनों मिलकर उससे लंठआ करते है